क्या मैं मेरा अभिमान हूँ,
क्या मैं मेरा स्वाभिमान हूं,
नेती नेति कर खोज रहा,
कौन हूँ मैं, कौन हूँ मैं,
क्या मैं वो अहम जो शीशमहल,
क्या मैं निज गौरव जो हो अटल,
आत्म मनन कर पूछ रहा,
कौन हूँ मैं, कौन हूँ मैं,
क्या तुम जो बोलो वो होजाऊं,
क्या मैं जो मानो वो कहलाऊं,
इस मिथक जाल में ढूंढ रहा,
कौन हूँ मैं, कौन हूँ मैं,
क्या अस्तित्व ने मैं को जन्मा है,
क्या यही सनातन विडंबना है,
व्याकुलता स्वीकृत कर बोल रहा,
कौन हूँ मैं, कौन हूँ मैं,